➤ नई औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने में जुटी सरकार, जल्द होगी अधिसूचित
➤ निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन और उद्योगों की प्रक्रिया आसान बनाने पर फोकस
➤ ऊना बल्क ड्रग पार्क और प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
शिमला। हिमाचल प्रदेश में उद्योग, निवेश और रोजगार को नई गति देने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रदेश सरकार नई औद्योगिक नीति-2026 को अंतिम रूप देने में जुटी है, जिसे जल्द अधिसूचित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि नई नीति का उद्देश्य प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करना, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को पहले से अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाना है।
मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि नई औद्योगिक नीति को पूरी तरह उद्योग-अनुकूल बनाया जा रहा है। इसके लिए उद्योग जगत और अन्य हितधारकों से सुझाव लिए गए हैं ताकि नीति व्यावहारिक होने के साथ-साथ निवेशकों के लिए भी आकर्षक साबित हो। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य Ease of Doing Business को मजबूत करना है, जिससे उद्योगों की स्थापना और संचालन में आने वाली अनावश्यक बाधाओं को समाप्त किया जा सके।
उन्होंने बताया कि निवेशकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। इससे उद्योगों को विभिन्न विभागों से मंजूरी लेने की प्रक्रिया तेज होगी और निवेशकों का समय तथा लागत दोनों की बचत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में सरकार ने उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए कई नीतिगत और कानूनी सुधार किए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव अब दिखाई देने लगा है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ऊना में विकसित किए जा रहे बल्क ड्रग पार्क की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि करीब 2,071 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए लगभग 800 बीघा भूमि का समतलीकरण पूरा किया जा चुका है और निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 15 जुलाई तक कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) तथा स्टीम जनरेशन सुविधा से जुड़े कार्य पूरे करने के निर्देश भी दिए, ताकि परियोजना निर्धारित समय सीमा के भीतर आगे बढ़ सके।
समीक्षा बैठक में धर्मशाला यूनिटी मॉल के निर्माण कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को राष्ट्रीय स्तर का बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही ‘वन डिस्ट्रिक्ट, थ्री प्रोडक्ट्स’ कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया गया, ताकि प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को नई पहचान और बेहतर विपणन मंच मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति केवल निवेश बढ़ाने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार, उद्यमिता को बढ़ावा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।



